मुंबई। हाल ही में फिल्मी सितारों, राजनेताओं और दूसरे क्षेत्रों की विभूतियों की उपस्थिति में नई पीढ़ी के चहेते गीतकार अमिताभ रंजन को उनके द्वारा रचित रोमांटिक गीत “रस्मे उल्फ़त निभाने आ जा …” के लिए यूथ आइकॉन इंडियन अवार्ड २०२६ प्रदान किया गया। “लक्की – नो टाइम फॉर लव” (सलमान-स्नेहा) ख्यात् फिल्म तारिका स्नेहा उल्लाल के हाथों अमिताभ रंजन को यह पुरस्कार प्रदान किया गया। रोमांचित कर देने वाली पूर्व मिस इंडिया (मैग्निफिसेंट वूमन आइकॉन अवार्ड विनर, २०१३) और मॉडल-अभिनेत्री सिमरन आहूजा ने इस प्रोग्राम की एंकरिंग की। मुक्ति कल्चरल हॉल, मॉडल टाउन, चार बंगला, अंधेरी पश्चिम, मुंबई में यह इंद्रधनुषी कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
अमिताभ रंजन सिर्फ गीतकार नहीं वरन् संगीत रचना में भी पकड़ व दखल रखते हैं। असित त्रिपाठी के स्वर में रिकॉर्ड हुए इस गीत को मीनू कुमारी के साथ अमिताभ रंजन ने संगीतबद्ध किया है। ढाई दर्जन से अधिक फिल्मों के लिए गीत रचना करनेवाले गीतकार अमिताभ सात सौ से ऊपर गानें लिख चुके हैं। म्यूजिक वीडियो के अतिरिक्त वह टीवी धारावाहिकों के लिए भी गीत लिख चुके हैं और विज्ञापन फिल्मों के लिए जिंगल्स लिखने में भी मास्टर हैं। शायद ही कोई गायक गायिका बचे हों जिनके लिए श्रीमान् रंजन ने गीत न लिखे हों। उदित नारायण, कुमार शानू, शान अथवा अलका याग्निक, साधना सरगम, सुनिधि चौहान, मीका सिंह ,विनोद राठौर, सुरेश वाडेकर, कैलास खेर, मोहित चौहान या फिर ममता शर्मा, रितु पाठक, दीपा नारायण, पलक मुछाल हों या कि मीका सिंह, जावेद अली, नक्काश अज़ीज़, अमित मिश्रा, देव नेगी, सलमान अली, मोहम्मद दानिश, सोना महापात्र, अंतरा मित्रा सभी अमिताभ रंजन का लिखा गीत गा चुके हैं। मुंबई उपनगर के सन्निकट विरार में अमिताभ रंजन मेलोडी बॉक्स म्यूजिक प्रोडक्शन स्टूडियो भी स्थापित चुके हैं जहॉं संगीत संयोजन के सारे कार्य संचालित व संपादित होते हैं। फिलहाल तो रस्मे उल्फ़त निभाने के लिए पुरस्कृत गीतकार अमिताभ रंजन महोदय को बहुत बहुत बधाई।


स्नेहा उल्लाल के हाथों अमिताभ रंजन को बेस्ट गीतकार अवार्ड ‘रस्मे उल्फ़त’ अलबम के लिए यूथ आइकॉन इंडियन अवार्ड