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Apr
17

कला प्रदर्शनी में सराही गई शिल्पी खरे

राज्य ललित कला अकादमी रीजनल सेंटर, लखनऊ की कला वीथिका में ‘अर्टिस्टरी ऑफ वूमेन’ की महिला कलाकारों द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन मुख्य अतिथि लखनऊ की मेयर श्रीमती संयुक्ता भाटिया के द्वारा किया गया। अध्यक्षता डॉ लवकुश द्विवेदी ने की और विशिष्ट अतिथि देवेंद्र त्रिपाठी रहे। डॉ शारदा सिंह ने कलाकार ग्रुप का परिचय दिया और मेहमानों का स्वागत और भाषण का कार्यभार संभाला। तथा डॉ निहारिका सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया। डॉ शारदा सिंह और निहारिका सिंह के प्रयासों के कारण इस कार्यक्रम में देश व्यापी समूह में देश के विभिन्न स्थानों से विभिन्न कलाकारों में एकजुटता दिखाई दी। प्रत्येक माह में एक बार समूह की कार्यशाला का आयोजन किया जाता है जिसमें तैयार कृतियों का यहां प्रदर्शित किया गया है। इस समूह में प्रोफेसर, छात्राएं, कलाकार, अध्यापक, गृहणी सभी एक साथ काम करते हैं। इसमें शिल्पी खरे (लखनऊ), निरुपमा टंक (भावनगर गुजरात), अमिता शर्मा, अमिता विश्वकर्मा, निहारिका सिंह, अन्नू चौहान, अनीता पांडे, अंकिता शर्मा, कमर आरा, कविता, कुसुम, डॉ शारदा सिंह, डॉ प्रोफेसर रेखा कक्कड़, डॉ जयश्री द्विवेदी, डॉ अनंता शांडिल्य, डॉ आभा, डॉ कुसुम, लता गुप्ता, डॉ रश्मि सक्सेना, नेहा कुमारी, प्रीति मलिक, प्रतिभा त्रिपाठी, प्रियंका जैसवाल, पूनम पटेल, मृदुला, ममता, मीनू सिंह, मोनाली, वनिता मिधा, मौसमी गुप्ता, शर्मिला शर्मा, शिवानी, शिवांगी गुप्ता, शुचिता त्रिपाठी, रिजु बरनवाल आदि ने प्रतिभाग लिया। इस कला प्रदर्शनी में लखनऊ से आई शिल्पी खरे के कार्य को सराहना मिली। कला प्रदर्शनी में सराही गई शिल्पी...
Apr
14

राजीव मोहन के निर्देशन में जय यादव, ऋतु सिंह की रखवाला की शूटिंग शुरू

आधुनिकता की भागमभाग में संयुक्त परिवार का बिखरना, अलग होना कहीं न कहीं आज के दौर का इंसान एकल होता जा रहा है. जहाँ एक समय ऐसा था कि दादा-दादी से लेकर पोता-पोती तक की तीन से चार पीढ़ी एक ही छत के नीचे हंसी-खुशी के साथ निवास करती थी और एक आज दौर ऐसा आ गया है कि पति-पत्नी और बच्चे तक ही परिवार सीमित होता जा रहा है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर समाज को जागरूक करने के लिए श्री असंग प्रोडक्शंस बैनर तले भोजपुरी फिल्म का निर्माण किया जा रहा है. निर्माता निर्देशक राजीव मोहन द्वारा निर्मित की जा रही फिल्म रखवाला भोजपुरी सिनेमा में परिवर्तन की एक कड़ी है. यह फिल्म समाज को जगरूक करने के उद्देश्य से बनाई जा रही है. इस फिल्म में वह सब दिखाया जाएगा, जोकि एक सम्पूर्ण पारिवारिक फिल्म में होना चाहिए. इस फिल्म में केन्द्रीय भूमिका में फिल्म के हीरो जय यादव हैं और हीरोइन ऋतु सिंह हैं. वे इस फिल्म में पहली बार एक साथ शूटिंग कर रहे हैं. साथ ही प्रमुख भूमिका में राजीव सिंह और दिव्या यादव भी फुल टू धमाल मचाने वाले हैं. अन्य प्रमुख भूमिकाओं में  जय प्रकाश सिंह, नीलम पांडेय, भानु पांडेय, धर्मेन्द्र यादव, प्रिया वर्मा, रिंकू यादव नजर आएंगे. इस फिल्म की कथा पटकथा राकेश श्रीवास्तव ने लिखा है. चुटीले और मधुर संवाद ध्रुव सिंह ने लिखा है. फिल्म सभी गीतों को कर्णप्रिय संगीत से सजाया है संगीतकार मधुकर आनन्द ने. इस फिल्म में कृष्ण भगवान का एक भजन अनूप जलोटा भजन सम्राट ने गाया है. जिसका संगीत संजय गौरीनन्दन ने दिया है, जिन्होंने अमिताभ बच्चन के लिए गणेश स्तुति का म्यूजिक दिया था. फिल्म के डीओपी संजीव डेका हैं. नृत्य कानू मुखर्जी, कला डबलू बिहारी का है. फिल्म के कार्यकारी निर्माता शेखर यादव हैं, प्रोडक्शन मैनेजर सुभाष प्रजापति हैं. मुख्य कलाकार जय यादव, ऋतु सिंह, राजीव सिंह, दिव्या यादव, जय प्रकाश सिंह, नीलम पांडेय, भानु पांडेय, धर्मेन्द्र यादव, प्रिया वर्मा, रिंकू यादव हैं. गौरतलब है कि फिल्म रखवाला के निर्माता और निर्देशक राजीव मोहन के बारे में बात की जाय तो वे विगत 38 वर्षों सोशल इशू पर बहुत सारी डॉक्यूमेंट्री फिल्में बनाई है. उन्हें नेशनल अवार्ड मिल चुका है. उन्होंने मराठी फिल्मों की भी मेकिंग की है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से ताल्लुकात रखने की वजह भोजपुरी फिल्म के निर्माण में भी कदम रखा है. भोजपुरी फिल्म रखवाला से अब वे भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री को एक से बढ़कर बेहतरीन पारिवारिक फिल्में देते रहेंगे। राजीव मोहन के निर्देशन में...
Apr
14

राजवीर सिंह व नाज़नीन पटनी स्टारर पंजाबी सांग “इरादे” का फर्स्ट लुक आउट

इन दिनों पंजाबी गीत ट्रेंडिंग में चल रहे हैं, इसी कड़ी में राजवीर सिंह और नाज़नीन पटनी का एक बेहतरीन पंजाबी गाना “इरादे” जल्द रिलीज होने वाला है जिसका फर्स्ट लुक जारी कर दिया गया है। कुमार नीरज द्वारा डायरेक्ट किये गए म्यूज़िक वीडियो का फर्स्ट लुक काफी इम्प्रेसिव है जो सोशल मीडिया पर काफी लाइक शेयर किया जा रहा है। कुमार नीरज फिल्म्स व हॉली काऊ एंटरटेनमेंट प्रस्तुत इरादे के प्रोड्यूसर्स हैं  राजम्मा दीक्षित, मुन्नी सिंह, बीना शाह और खुशबू सिंह हैं। गाने के सिंगर समर साब, संगीतकार रिद्धिमान चटर्जी और गीतकार सुरेंद्र माही हैं। इस गाने में राजवीर सिंह और नाज़नींन पटनी सहित कुमार नीरज, उर्ज़न इछापोरिया, आशीष सिंह जैसे आर्टिस्ट्स है। इस गाने को खूबसूरत लोकेशन्स पर शूट किया गया है। गाना किसी बॉलीवुड सांग की तरह है। डीओपी राहुल विमला तिवारी, कॉन्सेप्ट व कोरियोग्राफर देव जोशी हैं। एडिटर श्रुति उपाध्याय, एसोसिएट डायरेक्टर सौरभ सिंह बेदी, कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर रोहित वर्मा, शिवेन्दु शेखर, ईपी विष्णु बंसल, पीआरओ अखिलेश सिंह हैं। राजवीर सिंह व नाज़नीन पटनी स्टारर पंजाबी सांग “इरादे” का फर्स्ट लुक...
Apr
14

सामाजिक कुरीतियों पर सीधे प्रहार करने वाली हिन्दी फीचर फिल्म “प्रेम धर्म” की शूटिंग होगी यूपी में

आज बीसवीं सदी में एक तरफ तो मनुष्य अल्ट्रा मॉडर्न बनने की ओर अग्रसर है, वहीं दूसरी ओर समाज मे कई प्रकार की कुरीतियां अब भी मौजूद हैं। ऊंच नीच का मामला आज भी देखा जाता है। ऐसे में निर्माता संजय सक्सेना इस ज्वलंत मुद्दे पर हिन्दी फीचर फिल्म “प्रेम धर्म” बनाने जा रहे हैं जो समाज में व्याप्त कुरीतियों पर सीधे प्रहार करती नजर आएगी। यह फ़िल्म आरक्षण का विरोध भी करती है, साथ ही धर्म में व्याप्त ऊंच नीच को खत्म करने का एक मजबूत सन्देश भी देती है। ओम साईं फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनने जा रही हिन्दी फीचर फिल्म “प्रेम धर्म” की शूटिंग इसी माह अप्रैल में ही उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में की जाएगी। फिल्म में विहान सिंह, तमन्ना अरोरा, रमेश गोयल, हेमंत बिरजे, राज मल्होत्रा, दीपक वर्मा, तबस्सुम, गिनीलाल सालुंके जैसे अभिनेता अपने अभिनय का जलवा बिखेरते नजर आएंगे। इस रियलिस्टिक फिल्म का कुशल निर्देशन संजीव त्रिगुणायत कर रहे हैं, जो एक सुलझे हुए डायरेक्टर हैं। फिल्म का संगीत भी इसका हाइलाइट है। जिसको मशहूर संगीतकार दिलीप सेन के संगीत निर्देशन में तैयार किया गया है। फिल्म के लेखक उमा शंकर मौर्य ,डायलॉग भरत गौर और स्क्रीन प्ले संजीव त्रिगुणायत का हैं। फिल्म के निर्माता संजय सक्सेना अपनी इस फ़िल्म को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उनका कहना है कि प्रेम धर्म हिंदी सिनेमा के दर्शकों के लिए एक बेहतरीन सिनेमा होगा, जिसमे मनोरजंन के तमाम साधन होने के साथ साथ ऑडीएन्स के लिए सोशल मैसेज भी होगा। समाज मे जो ऊंच नीच के बीच गहरी खाई है, अब समय आ गया है कि उसे पाटा जाए ताकि तमाम मनुष्यों को समानता के साथ जीने और रहने का अवसर प्राप्त हो। फ़िल्म की शूटिंग जल्द ही यूपी की रियल लोकेशंस पे शुरू होगी जिसको लेकर फ़िल्म से जुड़ी पूरी टीम और यूनिट काफी एक्साइटेड है। फिल्म के पी.आर.ओ. अखिलेश सिंह हैं। सामाजिक कुरीतियों पर सीधे प्रहार करने वाली हिन्दी फीचर फिल्म “प्रेम धर्म” की शूटिंग होगी यूपी...
Apr
14

हजारों साल बाद धरती पर स्थापित पहला पंचमुघ ब्रह्मा मंदिर ।

12 अप्रेल 2022 ब्रह्मलोकम के वार्षिक संभारम मे मुख्य अतिथि आशफाक खोपेकर की उपस्थिति  से ब्रह्मलोकम के जनक और मुख्य ब्राह्माश्री शरदचंद्र बोस और हजारो लोगो ने मिलकर जात पात, उंच निच,अमीर गरीब सारे भेदभाव को हटाकर बडी शालीनता और प्रसन्नता के माहोल मे मनाया। कीलेपटटाकुरीची,तेनाकसी,तामिळनाडु स्थापित  ब्रह्मलोकम पंचमुखी ब्रह्मदेवं मंदिर में मुख्य देवता (मूर्ति) 5 सिरों वाले ब्रह्मपरब्रह्म हैं, जो सृष्टि के 5 तत्वों (पंचभूतों) अंतरिक्ष, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी को दर्शाते  हैं। मंदिर में और देवता  इस क्रम में स्थापित किये हैं, ब्रह्मनवग्रह,ब्रह्मनाग, ब्रह्ममहागणपति, ब्रह्मवेल मुरुगन, ब्रह्मसबरी अय्यप्पन, ब्रह्मअंजनेयन, ब्रह्ममहाविष्णु, ब्रह्ममहाशिव, ब्रह्मसरस्वती, ब्रह्मलक्ष्मी, ब्रह्मशक्ति, पंचमुघब्रह्म परब्रह्म के रूप में। ब्रह्मा एडवोकेटे के के सरचंद्र बोस 40 से अधिक वर्षों से भारत मे हिंदू धर्म में “जाति” और “जाति व्यवस्था” विषय पर शोध कर ये निष्कर्ष निकाला है कि पौधों और जानवरों के बीच जाति का उपयोग किया जाता है क्योंकि उनके बीच विभिन्न उप-प्रजातियां हैं।  चूंकि मनुष्यों में ऐसी कोई उप-प्रजाति नहीं है, जाति मनुष्यों के बीच द्वेश पैदा करती है। केके बोस जी को यह भी ज्ञात हुआ है कि त्रिमूर्ति ब्रह्म-विष्णु-शिव इस रचनात्मक रूप में ब्रह्मा सर्वशक्तिमान ईश्वर हैं। जीविका रूप विष्णु, विनाशकारी रूप शिव। इस सिद्धांत के आधार पर कि सृजन के बिना जहां में जीविका नहीं हो सकती है, सृजन के बिना विनाश नहीं हो सकता है और चूंकि ब्रह्मा को न केवल पौधों और पेड़ों, जानवरों, मनुष्यों के निर्माता के रूप में स्वीकार किया जाता है, बल्कि  प्राणियों और गैर-प्राणियों से युक्त पूरे ब्रह्मांड में, ब्रह्मा सर्वशक्तिमान ईश्वर हैं और विष्णु, शिव, और त्रिदेवी सरस्वती-लक्ष्मी-शक्ति मनुष्य की प्रक्रिया को समझने के लिए ब्रह्मा के विभिन्न रूप हैं।इसीलिए सृष्टि के समय से ही विद्वान व्यक्ति को ब्राह्मण कहा जाता है – ब्रह्म ज्ञानति ब्राह्मणः, जिसके पास ब्रह्मज्ञान या ब्रह्म का ज्ञान है, वह ब्राह्मण है। इसी सच्चाई से लोगो को अवगत कराने हेतु ये कदम उठाया है। केके बोस ने 30 सदस्यीय टीम के साथ 63 दिन (6 दिन केरल यात्रा, 3 दिन पोर्टब्लेयर यात्रा, 54 दिन भारत यात्रा)  भारत यात्राएं 2014 मे आयोजित कीं, जिसका शीर्षक था जाति निर्मारंजना बोधवतकरण संदेश यात्रा और प्रत्येक राज्य की राजधानी में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करके लोगो की भारी भिड को संबोधित कर सच्चाई बताई थी । 95 दिनों की एक और यात्रा (caste education bharat yatra) 2015 में 30 सदस्यीय टीम के साथ 500+ किलोग्राम पंचलोहा ब्रह्मदेव मूर्ति (9 फीट उंची) एक मोबाइल मंदिर में स्थापित कर जिन्होंने करोड़ों भक्तों को आशीर्वाद दिया, और कई सार्वजनिक उपक्रम किये और सभी को ब्राह्मण घोषित किया। अगला...

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