logo
Dec
19

सिर्फ़ 6 साल के मोहम्मद अशर ने ग्रीन वर्ल्ड मीडिया प्रोडक्शन की हिंदी वेब सीरीज “कच्चे रिश्ते पार्ट 2” में मुख्य भूमिका निभाई

मुम्बई.  प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती है.  इसका ताजा उदाहरण है मात्र 6 साल के मोहम्मद अशर जिन्होंने निर्देशक बी एस अली की हिंदी वेब सीरीज “कच्चे रिश्ते पार्ट 2” में मुख्य भूमिका निभाई है. दिग्गज ऐक्टर रमेश गोयल ने भी इस वेब सीरीज में काम किया है और वह मोहम्मद अशर के दादा की भूमिका में नजर आएंगे. ठाणे के रहने वाले चाइल्ड ऐक्टर ने ग्रीन वर्ल्ड मीडिया प्रोडक्शन की हिंदी सीरीज मे मेन लीड किया है जिनकी शूटिंग हो गई है. जल्द ही इसे रिलीज किया जाएगा. अल्ताफ अहमद और हुदा रहमान के पुत्र मोहम्मद अशर को डांस और गायकी का शौक है. निर्माता निर्देशक बी एस अली द्वारा नए कलाकारों को मौका दिया जा रहा है और उन्हें अभिनय की ट्रेनिंग भी दी जाती है. उनकी ही खोज हैं मोहम्मद अशर जो अपने प्रोजेक्ट को लेकर उत्साहित हैं. बी एस अली ने कहा कि इस वेब सीरीज की शूटिंग मुंबई में पूरी हो गई है. सीरीज की कहानी दर्शको को बांध कर रखेगी और उन्हें भरपूर मनोरंजन प्रदान करेगी। मोहम्मद अशर ने निर्देशक बीएस अली की प्रशंसा की और उनका शुक्रिया अदा किया है। सिर्फ़ 6 साल के मोहम्मद अशर ने ग्रीन वर्ल्ड मीडिया प्रोडक्शन की हिंदी वेब सीरीज “कच्चे रिश्ते पार्ट 2” में मुख्य भूमिका...
Dec
19

सिर्फ़ 11 साल की रिद्धि मंगेश पाटिल ने ग्रीन वर्ल्ड मीडिया प्रोडक्शन की हिंदी वेब सीरीज “कच्चे रिश्ते पार्ट 2” में रमेश गोयल के साथ किया अभिनय

मुम्बई.  सिर्फ 11 साल की रिद्धि मंगेश पाटिल ने अपने अभिनय से सबको  आश्चर्यजनक कर दिया है. उनकी प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं है.  रिद्धि मंगेश पाटिल ने निर्देशक बी एस अली की हिंदी वेब सीरीज “कच्चे रिश्ते पार्ट 2” में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. दिग्गज ऐक्टर रमेश गोयल ने भी इस वेब सीरीज में काम किया है और उन्होने रिद्धि मंगेश पाटिल की अदाकारी की प्रशंसा की है. भिवंडी ठाणे की रहने वाली चाइल्ड एक्ट्रेस ने ग्रीन वर्ल्ड मीडिया प्रोडक्शन की हिंदी सीरीज मे बहुत अच्छा रोल किया है जिनकी शूटिंग हो गई है. जल्द ही इसे रिलीज किया जाएगा. शौक अभिनय, खेल मंगेश कमलाकर पाटिल और मोना मंगेश पाटिल की पुत्री रिद्धि मंगेश पाटिल को अभिनय और खेल का शौक है. उन्हें मराठी, हिंदी, अंग्रेजी भाषाएं आती है. उनके पिता एस्टेट एजेंट हैं जबकि माता ब्यूटीशियन हैं. प्रोड्यूसर डायरेक्टर बी एस अली द्वारा नए कलाकारों को अवसर दिया जा रहा है और उन्हें अभिनय की ट्रेनिंग भी दी जाती है. उनकी ही खोज हैं रिद्धि मंगेश पाटिल जो अपने प्रोजेक्ट को लेकर एक्साइटेड हैं. बी एस अली ने बताया कि इस वेब सीरीज की शूटिंग मुंबई में कम्प्लीट हो गई है. सीरीज की स्टोरी दर्शको को पसंद आएगी और उन्हें भरपूर एंटरटेनमेंट प्रदान करेगी।रिद्धि मंगेश पाटिल बहुत अच्छी अभिनेत्री हैं. इस आयु मे भी उनकी प्रतिभा अद्भुत है. रिद्धि मंगेश पाटिल ने निर्देशक बीएस अली की तारीफ की और उनको धन्यवाद दिया है।   सिर्फ़ 11 साल की रिद्धि मंगेश पाटिल ने ग्रीन वर्ल्ड मीडिया प्रोडक्शन की हिंदी वेब सीरीज “कच्चे रिश्ते पार्ट 2” में रमेश गोयल के साथ किया...
Dec
19

दीपक सारस्वत: समाज सेवा की मिसाल, फिल्मों के साथ-साथ संवार रहे हैं जरूरतमंदों की तकदीर

मनोरंजन जगत की चकाचौंध से दूर, फिल्म निर्माता और समाजसेवी दीपक सारस्वत ने समाज सेवा के क्षेत्र में एक ऐसी लकीर खींच दी है, जो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। दीपक सारस्वत केवल फिल्मों के निर्माता ही नहीं हैं, बल्कि वे उन ‘उम्मीदों के निर्माता’ भी हैं जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को बेहतर जीवन का सपना दिखाते हैं। ​7 साल, एक संकल्प और अटूट सेवा भाव ​पिछले 7 वर्षों से दीपक सारस्वत ने अपने जन्मदिन को व्यक्तिगत जश्न के बजाय ‘परोपकार का उत्सव’ बना दिया है। हर साल लाखों रुपये की मदद और निरंतर जमीनी सेवा के माध्यम से उन्होंने हजारों चेहरों पर मुस्कान बिखेरी है। ​पिछले 5 वर्षों का सेवा रिकॉर्ड: एक नज़र में ​दीपक सारस्वत के सेवा कार्यों का सफर हर साल नए आयाम स्थापित कर रहा है। पिछले 5 वर्षों का उनका रिकॉर्ड उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है: *  2021 – भीषण ठंड के बीच 500 बेसहारा लोगों को कपड़े और कंबल वितरित कर राहत पहुंचाई। *  2022 – एड्स पीड़ित मासूम बच्चों को अपनी बहन मानकर उनकी सेवा की और समाज को संवेदनशीलता का संदेश दिया। *  2023 – जन्मदिन को ‘जन्म सप्ताह’ के रूप में मनाया और 7 दिनों के भीतर जरूरतमंदों को ₹1 लाख की आर्थिक मदद दी। *  2024 – पूरा सप्ताह सड़क किनारे रहने वाले लोगों के बीच बिताया, उन्हें मिठाई, कपड़े और कंबल वितरित किए। *  2025 – इस वर्ष गाजियाबाद स्थित वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की सेवा, उनके साथ समय बिताकर और बड़े स्तर पर अनुदान देकर अपना जन्मदिन समर्पित किया। गरीबों की बुलंद आवाज ​दीपक सारस्वत का मानना है कि ईश्वर ने हमें जो कुछ भी दिया है, उसका एक अंश समाज के उन लोगों के पास जाना चाहिए जिन्हें उसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। इसी सोच के कारण आज वे गरीबों और जरूरतमंदों की सबसे मजबूत आवाज बनकर उभरे हैं। ​प्रेरणा का स्रोत बना व्यक्तित्व ​सिनेमा की दुनिया में सक्रिय रहते हुए भी दीपक ने कभी अपनी जड़ों को नहीं भुलाया। उनके इस निरंतर प्रयास ने न केवल गाजियाबाद बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों को प्रेरित किया है। उनके जन्मदिन पर होने वाले ये सेवा कार्य अब एक जन-आंदोलन का रूप ले चुके हैं। ​”दीपक सारस्वत का यह निस्वार्थ सेवा भाव यह सिखाता है कि उत्सव का असली आनंद दूसरों के दुख दूर करने में ही निहित है।”   दीपक सारस्वत: समाज सेवा की मिसाल, फिल्मों के साथ-साथ संवार रहे हैं जरूरतमंदों की...
Dec
19

कटनी के निर्माता विकास शर्मा का पूरा हुआ ख्वाब मल्टीप्लेक्स में छा गया है “अपना अमिताभ”

कटनी (मध्यप्रदेश) के विकास शर्मा की बहुप्रतीक्षित इच्छा पूर्ण हो गई है। अपने गृह नगर से मायानगरी मुंबई तक आने का उनका सफर सफल रहा है और देखा सोचा बुना हुआ सपना साकार हो गया है। आज की तिथि में एक सफल उदीयमान फिल्म प्रोड्यूसर की सूची में विकास शर्मा का नाम शुमार हो गया है। शर्मा के प्रोडक्शन हाउस क्लासिक एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी पहली फिल्म “अपना अमिताभ” इस १२ दिसम्बर, २०२५ से सिनेमाघरों में प्रदर्शित है। इस सोशल ड्रामा के लेखक एवं निर्देशक अजय आनंद हैं। फिल्म गांव के किशोरों के जीवन संघर्ष पर आधारित है। एक सफाईकर्मी का लड़का किस तरह पास पड़ोस के लोगों के ताने विरोध को सीने से लगाए अपनी स्थिति सुदृढ़ करता है, इसे एक ग्रामीण पृष्ठभूमि में रखते हुए बड़े सलीके से दिखाया गया है। एक दिन वही लड़का उनका प्रेरणास्रोत बनता है, यह कहानी का मुख्य बिन्दु है। अजय आनंद के सुलझे निर्देशन में चित्रित “अपना अमिताभ” देखने लायक है। फिल्म गांवों में व्याप्त जाति प्रथा और ऊॅंच नीच जैसी कुव्यवस्था पर चोट करती है। फिल्मों का शौकीन विजय इस फिल्म का नायक है। वह अमिताभ बच्चन का बहुत बड़ा फैन है। उसकी दिनचर्या की शुरुआत ही अमिताभ बच्चन की फिल्मी स्टाइल से शुरु होती है। उठना बैठना, चलना फिरना सब अमिताभ शैली में होने लगता है। उसकी यह चपलता ग्रामीणों को खलती है। उसे तरह तरह की बातें सुनने को मिलती हैं। विजय इस उलाहना को हथियार बना लेता है। फिर जो होता है उसके लिए थियेटर पहुंचें और देखें “अपना अमिताभ”। “अपना अमिताभ” के मुख्य कलाकार हैं : विजय रावल, अंजलि मिश्रा, जय ठक्कर, हेमंत महाउर, मुकेश भट, बच्चन पचेरा, शरत सोनू, सुरुचि वर्मा, हनुमान गुदसा, जीतेन्द्र सिंह, अमित घोष, शिल्पी कुकराती, विनय अम्बष्ट, ज्योत सिंह और अनुपम श्याम। को- प्रोड्यूसर रमेश शर्मा, एडिटर चैतन्य वी. तन्ना, सिनेमैटोग्राफर शम्भु शर्मा, बैकग्राउंड स्कोर भूपेश शर्मा और संगीत निर्देशन राजेश झा का है। अभी कटनी के विकास शर्मा और मुंबई के अजय आनंद “अपना अमिताभ” के निर्माता व निर्देशक के रूप में चर्चा में हैं। ——-  उमेश सिंह चंदेल कटनी के निर्माता विकास शर्मा का पूरा हुआ ख्वाब मल्टीप्लेक्स में छा गया है “अपना...
Dec
19

Anand Pandey Industrialist–Philanthropist Creates History An Inspiring Journey From Zero To Zenith

From Kunda–Pratapgarh to Mumbai — a journey that inspires the nation Pratapgarh / Mumbai. : Industrialist and philanthropist Anand Pandey, born in Paranoopur village of Kunda in Uttar Pradesh, recently rose to the national spotlight. The grand Ramkatha Mahotsav held in Pratapgarh from 10 October to 19 October created a chapter in history that will be remembered not only in Pratapgarh but across the state. The sacred presence of renowned storyteller Rajan Ji Maharaj and the gathering of lakhs of devotees turned Pratapgarh into a place of divine celebration. For the first time, flowers were showered from a helicopter at the Ramkatha venue, creating an unforgettable atmosphere of devotion, emotion, and spiritual energy. Anand Pandey, the driving force behind the event, remained the central figure of attention throughout the ten-day celebration. With his humble nature, polite speech, and spiritual inclination, Anand Pandey proved that honesty and determination can take a person to any height. From a ₹7,000 job in Mumbai to becoming a business tycoon Anand Pandey’s journey is a remarkable blend of struggle, faith, and success. In 2011–12, he reached Mumbai in search of employment and began his life with a monthly salary of only ₹7,000–₹8,000. Within a few years, a dream began to take shape — “Build your own business, create your own company… and uplift others along the way.” With this vision, he laid the foundation of his own enterprise in 2018–19. Backed by integrity, hard work, and strong family values, Anand Pandey built a business empire that today stands as an inspiration in both industry and social service. Away from politics — committed to service Many assumed that Anand Pandey might enter politics in the future, but he clearly denied such possibilities. His belief is —  “Serving humanity is serving God.” Today, he is deeply involved in social initiatives such as marriages of underprivileged girls, educational assistance, medical support for the needy, and community welfare activities. From poverty to the peak of success Anand’s life represents the true spirit of struggle. His father once worked as a security guard and drove an auto-rickshaw. Anand himself prepared for police recruitment exams before destiny redirected his path to Mumbai. Blessings from his parents, commitment to work, simplicity, and truthfulness transformed his life. Today, Anand Pandey stands as a role model for youth. From Kunda to Mumbai — his name is identified with perseverance, effort, and achievement. Message to the youth “No work is small. Hard work and...

« Previous Entries Next Entries »

logo
Powered by WordPress | Designed by Elegant Themes