Celebrity interior designer Gauri Khan was at the heart of an exclusive GROHE SPA design showcase, where luxury, design, and wellness converged in an intimate, invite-only setting. The evening explored how the modern bathroom is evolving into a personalised sanctuary , shaped by individual lifestyles, thoughtful design, and refined aesthetics. Curated as an immersive design experience, the showcase presented bespoke bathroom concepts and architectural installations, engaging architects, designers, and lifestyle tastemakers. Set against a gallery-style backdrop, the Design Dialogue highlighted a growing shift toward experience-led luxury, where design narratives play an increasingly influential role in shaping contemporary luxury spaces. With Gauri Khan leading the conversation, the evening reflected how design leadership, when rooted in authenticity and craftsmanship, continues to influence the way luxury homes are imagined and created today. GROHE is a leading global brand for complete bathroom solutions & kitchen fittings, with GROHE SPA representing its most refined expression, a high-end portfolio dedicated to personalised luxury and wellness-inspired water experiences. Global Premium Bathroom Brand GROHE Hosted An Exclusive GROHE SPA Design Showcase At Pullman, Aerocity, New Delhi, With Celebrity Interior Designer Gauri Khan Leading The...
सोशल मीडिया की दुनिया में एक नया इतिहास रचते हुए दीपक सारस्वत ने इंस्टाग्राम पर सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। महज़ 24 घंटे में 100 मिलियन व्यूज़ हासिल कर उन्होंने भारतीय कंटेंट क्रिएटर्स की दुनिया में एक अनोखा कीर्तिमान स्थापित किया। 12 जनवरी को ‘भारत पॉडकास्ट’ नामक दीपक सारस्वत द्वारा डाले गए वीडियो को महज एक घंटे में 10 मिलियन व्यूज मिले l इस वीडियो में दीपक सारस्वत ने “आठ की पहाड़ा” को जीवन से जोड़कर एक गहरी और भावनात्मक व्याख्या प्रस्तुत की। इस अनोखे अंदाज़ ने दर्शकों को इतना प्रभावित किया कि केवल 6 घंटे के भीतर ही वीडियो 60 मिलियन व्यूज़ तक पहुँच गया। लोगों ने इसे भय और जीवन के संघर्षों का प्रतीक मानते हुए खूब सराहा। रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धि – – इंस्टाग्राम पर किसी भारतीय वीडियो को इतने कम समय में इतने व्यूज़ मिलना अब तक असंभव माना जाता था। – दीपक सारस्वत का यह वीडियो न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। – यह उपलब्धि दर्शाती है कि पॉडकास्ट और डिजिटल कंटेंट का प्रभाव किस तरह से नई ऊँचाइयों को छू रहा है। पहले भी रचे हैं कई कीर्तिमान – दीपक सारस्वत इससे पहले भी फेसबुक पर कई रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। बतौर फ़िल्म निर्माता और पॉडकास्टर, उन्होंने लगातार यह साबित किया है कि भारतीय कंटेंट क्रिएटर्स वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। दर्शकों की प्रतिक्रिया – – लाखों यूज़र्स ने वीडियो को शेयर किया और कमेंट्स में सराहना की। – कई लोगों ने इसे “भारतीय डिजिटल क्रांति का नया अध्याय” बताया। – युवा दर्शकों में यह वीडियो खासा लोकप्रिय रहा, जिसने इसे वायरल बनाने में अहम भूमिका निभाई। भविष्य की दिशा – दीपक सारस्वत की यह सफलता यह साबित करती है कि भारतीय कंटेंट क्रिएटर्स अब केवल देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं। पॉडकास्ट और शॉर्ट वीडियो का यह संगम आने वाले समय में डिजिटल मीडिया की दिशा तय कर सकता है। https://www.instagram.com/reels/DTXrHFEjbt2/ पॉडकास्ट के ज़माने में दीपक सारस्वत का धमाका, फेमस इनफ्लुएंसर ने रचा...
लोकसंगीत की शुद्ध परंपरा को आधुनिक प्रस्तुति के साथ जीवंत बनाए रखने वाली चर्चित लोकगायिका ममता शर्मा इन दिनों श्रोताओं की पहली पसंद बनी हुई हैं। बनारस की सांस्कृतिक चेतना से रचा-बसा उनका स्वर लोक और शास्त्रीय संगीत के दुर्लभ संतुलन का सशक्त उदाहरण है। परंपरा से उपजा संगीत-सफर ममता शर्मा बताती हैं कि उनका संगीत-सफर किसी पूर्व नियोजित योजना का परिणाम नहीं, बल्कि पारिवारिक संस्कारों की देन है। उनके दादाजी पंडित ताराचंद जैतले जी शास्त्रीय संगीत में गहरी रुचि रखते थे। बचपन में उनके सान्निध्य ने ही संगीत के बीज बो दिए और बहुत छोटी उम्र से लोक व शास्त्रीय संगीत उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया। बनारस: सुर-साधना की आत्मा बनारस में जन्मी और पली-बढ़ी ममता शर्मा के स्वर में काशी की सांस्कृतिक चेतना स्वाभाविक रूप से समाई है। कजरी, चैती और लोकधुनें उनके गायन की पहचान हैं। उनके शब्दों में, “बनारस केवल मेरी जन्मभूमि नहीं, मेरी सुर-साधना की आत्मा है।” गुरु-परंपरा का सशक्त आधार उन्हें बनारस घराने के जलपा गुरुजी से प्रारंभिक मार्गदर्शन मिला, जिसके बाद पद्मभूषण श्रीमती गिरिजा देवी जी की शिष्या बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। दोनों गुरुओं से उन्हें शास्त्रीय अनुशासन के साथ लोकभाव की गहराई समझने का अवसर मिला यही उनके संगीत का आधार स्तंभ है। लोकगीतों की कालजयी शक्ति ममता शर्मा मानती हैं कि लोकगीत आम जनजीवन की भावनाओं—सुख-दुख, ऋतु, प्रेम और संघर्ष—को सहजता से स्वर देते हैं। यही कारण है कि समय बदलने पर भी लोकगीत कभी पुराने नहीं पड़ते। परंपरा और आधुनिकता का संतुलन आज की चुनौती पर वे कहती हैं कि लोकसंगीत की शुद्धता बनाए रखते हुए उसे नए माध्यमों तक पहुँचाना आवश्यक है। प्रस्तुति और तकनीक आधुनिक हो सकती है,लेकिन लोकसंगीत की आत्मा से समझौता नहीं होना चाहिए। ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन जैसे राष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुति सराहनीय है। लोकसंगीत की विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम : ममता...
Actress and model Nivedita Chandel exudes grace, showcasing confidence and embracing a blend of traditional Desi fashion with a touch of modern femininity. Actress & Model Nivedita Chandel Draped In Grace Rooted In Confidence Desi Fashion Poise And Modern...
आधुनिक भारत के महानतम सपूत, आज़ाद हिंद फ़ौज के संस्थापक और अदम्य साहस के प्रतीक नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 129वें जन्मोत्सव, दिनांक 23 जनवरी 2026 के पावन अवसर पर, प्रख्यात लेखक, वरिष्ठ पत्रकार एवं निर्माता मान सिंह दीप अत्यंत गर्व और राष्ट्रभाव के साथ अपनी बहुप्रतीक्षित ऐतिहासिक फिल्म“अनटोल्ड ट्रुथ ऑफ़ सुभाष चंद्र बोस” के निर्माण की औपचारिक घोषणा कर रहे हैं। यह फिल्म केवल एक सिनेमाई प्रस्तुति नहीं, बल्कि इतिहास के उन पन्नों को उजागर करने का साहसिक प्रयास है, जिन्हें दशकों तक जानबूझकर धुंध में रखा गया। गहन शोध, अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज़ों और ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर निर्मित यह फ़िल्म वर्तमान वैश्विक भू-राजनीति की जड़ों को हिला देने वाले तथ्यों को सामने लाने का दावा करती है। मान सिंह दीप द्वारा प्रस्तुत इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कल्याणी सिंह एवं वेदांत सिंह कर रहे हैं, जबकि इसका निर्देशन जाने-माने फिल्मकार अशोक त्यागी करेंगे। निर्माता और निर्देशक की यह फ़िल्म स्थापित ऐतिहासिक कथानकों को चुनौती देते हुए यह सिद्ध करने का प्रयास करेगी कि भारत की स्वतंत्रता की वास्तविक लड़ाई और निर्णायक भूमिका नेताजी सुभाष चंद्र बोस की थी, न कि केवल अहिंसा के एकमात्र विमर्श की। फिल्म में यह भी दर्शाया जाएगा कि किस प्रकार द्वितीय विश्व युद्ध के विजेता देशों की सत्ता-राजनीति नेताजी के विचारों से भयभीत थी और कैसे एक सुनियोजित साजिश के तहत उनकी नृशंस हत्या की गई, जिसे आज तक रहस्य और दुर्घटना के आवरण में छुपाया गया। “अनटोल्ड ट्रुथ ऑफ़ सुभाष चंद्र बोस” देशवासियों को न केवल इतिहास का एक नया दृष्टिकोण देगी, बल्कि राष्ट्रवाद, बलिदान और सच्ची स्वतंत्रता के अर्थ पर भी पुनर्विचार करने को विवश करेगी। यह फिल्म आने वाली पीढ़ियों के लिए नेताजी के विचारों, संघर्ष और बलिदान को नई चेतना के साथ प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम बनेगी। वरिष्ठ पत्रकार एवं निर्माता मान सिंह दीप अपनी बहुप्रतीक्षित ऐतिहासिक फिल्म“अनटोल्ड ट्रुथ ऑफ़ सुभाष चंद्र बोस” के निर्माण की औपचारिक घोषणा कर रहे...